Narmada Manav
  • अंतिम संस्कार कल बुरहानपुर स्थित उनके गृह ग्राम शाहपुर में होगा
  • पार्थिव शरीर आज दिल्ली से भोपाल लाया जाएगा, प्रदेश कार्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा

मध्यप्रदेश के खंडवा से भाजपा के सांसद नंदकुमारसिंह चौहान का निधन हो गया है। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनके फेफड़ों में संक्रमण फैल गया था। इसके बाद उन्हें 5 फरवरी को मेदांता में एडमिट कराया गया था। उनकी रिपोर्ट निगेटिव भी आ गई थी। लेकिन उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। नंदकुमार सिंह चौहान के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत प्रदेश के नेताओं ने दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया नंदकुमार सिंह चौहान का अंतिम संस्कार कल 3 मार्च को उनके गृह गांव शाहपुर में होगाl उनका पार्थिव शरीर आज दिल्ली से भोपाल लाया जाएगा और प्रदेश कार्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगाl

नंदकुमार चौहान मध्यप्रदेश विधानसभा के बुरहानपुर से विधायक रहे थे। 1996 में 11वीं लोकसभा में भाजपा ने उन्हें खंडवा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया और वे जीतकर संसद पहुंचे। इसके बाद 12वीं,13वीं और 14वीं लोकसभा के सदस्य रहे। 15वीं लोकसभा के चुनाव में खंडवा के कांग्रेस प्रत्याशी अरुण यादव से वे चुनाव हार गए।

CM शिवराज और PM नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके जताया दुख
CM शिवराज ने नदंकुमार चौहान के साथ अपनी फोटो ट‌्विटर पर शेयर करते हुए लिखा कि- ​​​​प्रदेशाध्यक्ष के रूप में नंदू भैया ने सर्वोत्कृष्ट योगदान दिया। नंदू भैया की पार्थिव देह आज उनके गृहगांव पहुंचेगी। कल हम सब उन्हें विदाई देंगे। मैं उनके चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं।

वही, PM नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया है कि- खंडवा से लोकसभा सांसद नंदकुमार सिंह चौहान जी के निधन से दुखी हूं। उन्हें मध्य प्रदेश में भाजपा को मजबूत करने के लिए संसदीय कार्यवाही, संगठनात्मक कौशल और प्रयासों में उनके योगदान के लिए याद किया जाएगा। उनके परिवार के प्रति संवेदना। ओम शांति।


एक नजर नंदू भैय्या के जीवन पर
– बुरहानपुर जिले के शाहपुर में 8 सितंबर 1952 को जन्मे नंदकुमार सिंह चौहान पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा थे। शिक्षा के साथ ही उनकी राजनीति में रुचि थी, इसलिए उन्होंने भाजपा का चुनाव किया।
– इसके बाद वे बुरहानपुर जिले के शाहपुर नगर पालिका में भाजपा के टिकट पर जीते और 1978-80 और 1983-87 तक अध्यक्ष रहे।
– इसके बाद उन्हें बुरहानपुर से विधायक का टिकट मिला और वे दो बार जीते। 1985 से 96 तक लगातार मध्य प्रदेश विधानसभा में बुरहानपुर का प्रतिनिधित्व किया।
– भाजपा ने उन्हें 1996 में खंडवा से लोकसभा का चुनाव लड़वाया। यहां भी उन्होंने जीत हासिल की।
– 1998 में हुए उपचुनाव में फिर से वे खंडवा से भाजपा प्रत्याशी बने और जीते।
– 1999 में उन्हें भाजपा ने फिर से खंडवा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। तीसरी बार जीते सांसद चौहान 5 साल तक सांसद रहे।
– 2004 में वे चौथी बार खंडवा से जीत कर संसद पहुंचे। हालांकि 2009 में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी अरुण यादव ने पराजित किया था।
– इसके बाद उन्हें मप्र की कमान पार्टी ने सौंपी और प्रदेश अध्यक्ष बनाया।
– इसके बाद उन्हें फिर से लोकसभा का खंडवा से टिकट मिला और वे जीते।

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