Narmada Manav

ऑक्सीजन की कमी से लोगों की मृत्यु की खबरें अब मध्यप्रदेश में आम हो चली हैं, इसी बीच कमल नाथ ने कहा है कि अब जबकि सब कुछ बर्बाद हो चला है ऐसे समय में सरकार की नींद से जागकर कुआं खोदने निकली है

मध्यप्रदेश के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से मौत की खबरें अब आम हो चली हैं। लेकिन राज्य सरकार ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों पर पर्दा डालने के लिए लगातार यह दावा कर रही है कि प्रदेश में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सरकारी दावों का आंकड़े साथ नहीं दे रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने सरकार के इन्हीं दावों पर जमकर हमला बोला है। कमल नाथ ने कहा है कि शिवराज सरकार सिर्फ आंकड़ों की हेरा फेरी का खेल खेल रही है।

कमल नाथ ने कहा, सागर – उज्जैन – खरगोन के बाद अब इंदौर – भोपाल में ऑक्सिजन की कमी से 5-5 लोगों की दुखद मौत की खबरें आ रही हैं।शिवराज जी से लेकर तमाम ज़िम्मेदार सुबह से शाम तक बस एक ही बात कह रहे हैं कि प्रदेश में ऑक्सिजन की कोई कमी नहीं है, पर्याप्त स्टॉक है, रेमडेसिविर इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है,बेड की कमी नहीं है। और दूसरी तरफ़ प्रदेश भर में अस्पतालों में ऑक्सिजन की कमी से अफ़रा-तफ़री का माहौल है, लोगों की जान रोज़ संकट में है। पीसीसी चीफ ने कहा कि आज भी प्रदेश भर में रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिये लोग दर- दर भटक रहे हैं, बेड व इलाज के लिये भटक रहे हैं।

कमल नाथ ने आगे कहा, ‘ऑक्सिजन की कमी के कारण कई अस्पतालों ने नये मरीज़ों को भर्ती करने से मना कर दिया है, लोग इलाज के लिये दर-दर भटक रहे हैं? कांग्रेस नेता राज्य की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवराज सरकार को ज़मीनी हक़ीक़त अभी तक नहीं पता है, आज भी रोज़ झूठे दावे में लगे हुए हैं। प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज़ नहीं, पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल है।’

कांग्रेस नेता के कथनानुसार प्रदेश में आज भी आँकड़ो में हेरा फेरी का खेल हो रहा है।आग से सब कुछ तबाह होता जा रहा है और सरकार अब नींद से जाग कुआँ खोदने की तैयारी कर रही है। राज्य सरकार ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर खरीदने के फैसले और राज्य सरकार के सुस्ती भरे रवैए पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि ऑक्सीजन कंसनट्रैटर मशीन अब ख़रीदने जा रहे हैं, रेमडेसिविर इंजेक्शन की अब व्यवस्था कर रहे हैं, अब बेड बढ़ाने की बात कर रहे हैं,अब निजी भवनों को अस्पताल बनाने के ऑफ़र दे रहे है, अब जाकर मंत्रियो को ज़िले के प्रभार सौंपे है ? ये कैसी व्यवस्था है, ये कैसी निष्ठुर सरकार है?

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