Narmada Manav

रेत के अलॉटमेंट में व्यवस्था पर उठाए प्रश्न
पूरे मध्यप्रदेश में अधिकांश जिलों में रेत की ठेके हो चुके हैं पर पन्ना जिले का रेट खेत का ठेका दिल के कारण अटक गया था और अब पूरे पन्ना जिले की बालू का ठेका होशंगाबाद की रश्मि सिंह मल्होत्रा कंपनी को 130 करोड़ में आवंटित कर दिया गया है और इस व्यवस्था के बाद ही फीकी की आवंटन को विवाद भी शुरू हो गया जिले के ठेके के लिए चार कंपनियां दावेदार थी जिसमें से तीसरे नंबर की कंपनी मल्होत्रा कंपनी को ठेका दिया जाना विवादों को जन्म दे रहा है दूसरे नंबर में मुकेश जैन के साथ ही कंपनी ने पूरी व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह उठाए हैं इस कारण से हाई कोर्ट जा रहे हैं विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस अलॉटमेंट में पूरी पारदर्शिता नहीं रखी गई इसलिए विवाद हो रहा है
यह है विवाद
पन्ना जिले का चार कंपनियों ने ठेका डाला था जिसमें सर्वाधिक कीमत हैदराबाद की रंगगंजयः एंड कंपनी ने डाला था जिसकी कीमत 44 करोड़ के करीब थी और दूसरे नंबर की कंपनी मुकेश कुमार जैन ने 36 करोड़ से अधिक लगाई दी और मल्होत्रा कंपनी ने 31 करोड़ 61 लाख रुपए कीमत लगाई और चौथी कंपनी एड एग्रो फ्रूट प्राइवेट लिमिटेड ने 30 करोड़ कीमत लगाई थी जब पूरे प्रदेश में ठेका हुआ तो टेक्निकल बेड के विवाद के कारण पन्ना जिले को पेंडिंग में रख दिया गया इसके बाद हैदराबाद की कंपनी की टेक्निकल बिड निरस्त हो गई जिससे मुकेश जैन को ठेका प्राप्त होना चाहिए आरोप है कि टेक्निकल वेट अप्रूव हो जाने के बावजूद सेकंड रनर कंपनी को ठेका दे दिया गया जिससे पन्ना जिले का ठेका मल्होत्रा कंपनी को मिल गया है लेकिन विवाद भी शुरू हो गए हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here