Narmada Manav

होशंगाबाद। बड़ी टीवी शो की तरह होशंगाबाद में भी दिखा स्कूली बच्चों का जलवा टैलेंट शो की तरह संगठन स्कूल में बच्चों ने दिखाई अपनी प्रतिभा कोरियोग्राफर मनीष तमांग के निर्देशन में समरितान स्कूल के बच्चों ने बड़े टैलेंट हंट शो की तरह किया लाइव कंसल्ट वहीं दूसरी ओर उरी में आतंकवादी घटना के बाद भारतीय सेना के शहीद सैनिक की बेटी ने सैल्यूट के बाद जैसे ही- हाउ इज द जोश सर! का नारा लगाया। समेरिटंस परिसर में मौजूद सैकड़ों दर्शकों के मुंह से एक साथ निकला- हाई सर! पूरा स्कूल प्रांगण देशभक्ति के भाव से सराबोर हो गया। इस भावनात्मक दृश्य को देखकर कार्यक्रम देखने आई कई महिलाओं की आंखें नम हो गईं। चंद पल के लिए लगा मानो वे खुद ही कश्मीर में बैठे हों। इसके बाद जैसे ही भारतीय सैना के जवानों ने पीओके में घुसकर आतंकवादियों का सफाया किया। पूरा परिसर वंदे मातरम और भारत माता की जय से गंूज उठा। मौका था समेरिटंस सीनियर सेकंडरी स्कूल मालाखेड़ी में आयोजित वार्षिकोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम का। इस कार्यक्रम में जहां एक ओर राष्ट्रभक्त का रंग बिखरा, वहीं दूसरी ओर लक्ष्मण-परशुराम संवाद से आध्यात्मिक गंगा भी प्रवाहित हुई। ओडिसी नृत्य के माध्यम से काव्या ने शास्त्रीय नृत्य की छटा से मन मोह लिया और एक अन्य नाटक के जरिए भारतीय संस्कृति को पुनस्र्थापित करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एनएमवी के प्राचार्य डाॅ ओएन चैबे, पालक-शिक्षक संघ अध्यक्ष शुक्ला, समिति के चैयरमेन प्रशांत हर्णे, पं गोपाल प्रसाद खंड्डर ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना से किया। विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन उप प्राचार्य श्रीमती तनुश्री चक्रवर्ती ने प्रस्तुत किया।
विद्यालय के सांस्कृतिक उत्सव में जहां कला की उत्कृष्टता की झलक दर्शकों को मिली, वहीं संस्कृति के भी दर्शन हुए। कला के साथ संस्कृति और धर्म का संगम कमोबेश हरेक कार्यक्रम में देखने को मिला। विस्मृत होते संस्कारों पर आधारित कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि संस्कार ही व्यक्ति को महान बनाते हैं और इसी से समाज और देश का निर्माण होता है। मित्रता नृत्य के जरिए मानवता की सीख दी गई। जबकि नव रसों पर आधारित नृत्य में बच्चों ने साहित्य के सभी रसों का नृत्य और गायन के माध्यम से सजीव चित्रण किया। एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन और एकता की बात बताई तो पुलवामा अटैक पर आधारित एक अन्य नाटक के जरिए विद्यार्थियों ने एक बार फिर देशभक्ति का रंग चहुंओर बिखेर दिया। कार्यक्रम का संचालन छात्र-छात्राओं द्वारा बहुत ही आकर्षक अंदाज में किया गया। अंत में आभार शिक्षिका सुमिता दुबे ने व्यक्त किया।
बहुत ही सराहनीय कार्य
मुख्य अतिथि डाॅ चौबे ने कहा कि डाॅ आशुतोष शर्मा बहुत ही सराहनीय कार्य कर रहे हैं। वे यहां बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार और भारतीय संस्कृति का पाठ भी पढ़ा रहे हैं। मैं उनकी मौन साधना को कई सालों से देख रहा हूं। इसलिए जब मुझे इस कार्यक्रम में आने का न्यौता मिला तो मुझे बड़ी प्रसन्नता हुई। वास्तव में आज समाज को संस्कारों की बहुत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का स्तर और सोच क्या है, इस बात की झलक कार्यक्रमों से सहज ही मिलती है।
अपने उद्बोधन में डाॅ शर्मा ने कहा कि संस्था का डाॅयरेक्टर होने के नाते में मैं अभिभावकों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि यहां बच्चों को शिक्षा की हर विधा का बेहतर और श्रेष्ठ ज्ञान देने का प्रयास किया जाता है। यहां के विद्यार्थी अब नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को संस्कार देने के लिए अभिभावकों का सहयोग बहुत जरूरी है। आप और हम मिलकर श्रेष्ठ नागरिकों का निर्माण करेंगे। कार्यक्रम के अंत में विषेश अतिथि तहसीलदार होशंगाबाद शैलेंद्र बड़ोनिया, इटारसी तहसीलदार तृप्ति बड़ोनिया को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
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