Narmada Manav
मंदसौर। लेखनी में समाज की बुराईयो,विकृतियों और नकारात्मक खबरों का स्थान बड़ गया है,इसके पीछे बुराई का विस्तार करना हमारा उद्देश्य नही था बल्कि इसके पीछे आशय था बुराई को छापने से शर्मसार होकर बुराई समाप्त हो जाएगी,बुरे लोग खबरे पड़कर आत्ममंथन कर बुराई से बाहर निकलेंगे। लेकिन हो उल्टा गया बुराई समाप्त होने के बजाय और बढ़ गई। जबकि वास्तविकता में तो लोगो के मन मस्तिष्क में भाईचारे, शांति व अमन का समाज बसा है इसे ही स्वर्णिम समाज कहा जाता है। आजादी प्राप्त करने का उद्देश्य भी स्वर्णिम समाज की स्थापना था इसलिये आजादी के बाद संविधान में तीन स्तम्भ न्यायपालिका,कार्यपालिका,विधायिका को स्थान दिया और चौथे स्तम्भ के रूप पत्रकारिता को मान्यता मिली ताकि संविधान प्रदत्त तीनो स्तम्भ जब अपने उद्देश्य से भटके तो मिडिया उन्हें रास्ता बताये और अच्छे समाज की कल्पना को साकार किया जा सके लेकिन आज पत्रकारिता के मूल्य बदल गए पत्रकारिता सहयोग के बजाय प्रतिस्पर्धा में बदल रही है।यह बात मूल्यानुगत मिडिया के संपादक प्रो कमल दीक्षित ने कही। आप प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय व मंदसौर जिला प्रेस क्लब द्वारा आयोजित स्वर्णिम समाज के विकास में मिडिया की भूमिका विषय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में शिव आमंत्रण पत्रिका के संयुक्त संपादक पुष्पेंद्र साहू, मंदसौर जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष नरेन्द्र अग्रवाल, आश्रम की संचालिका समिता बहनजी भी मंचस्थ थे।प्रो.दीक्षित ने कहा की आज मिडिया का विस्तार हो रहा है प्रिंट मिडिया,इलेक्ट्रानिक मिडिया और अब सोश्यल मिडिया का फैलाव हो चुका है लेकिन फिर भी अच्छी और सकारात्मक सूचनाओं का अभाव हो रहा है,इसके लिये कौन जिम्मेदार है इस पर मंथन करना चाहिये। समाज में यदि सकारात्मकता नही फैल रही है तो इसके लिये पत्रकार जिम्मेदार है वह यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच नही सकता की बाकी के तीनो स्तंभों में भी मूल्यों का हास हो रहा है।पत्रकार समाज का भरोसा है।इसे कायम रखने की जिम्मेदारी भी पत्रकार की है।पत्रकार की जिम्मेदारी है कि वह खबरों का विश्लेषण करें और सकारात्मक पहलुओं को पाठकों तक पहुँचाए । यदि इस जिम्मेदारी से आप बचते है तो माना जाना चाहिए पत्रकार अपने धर्म से भाग रहा है। यह दुर्भाग्य है कि व्यवसायिक दौर में आज खबर बनती नही, बनाई जाती है। पत्रकारिता का यह बदलाव दुर्भाग्यपूर्ण है।प्रो. दीक्षित ने कहा कि समाज सकारात्मकता चाहता हैं इसलिए हमें इस सोच को बदलना होगा क्योंकि समाज की सकारात्मकता को पाठक पसन्द करते है। आपने उदाहरण देते हुए कहा कि गर्मी के दिनों में पानी कि प्याऊ लगता है इस अच्छे काम को मिडिया ने स्थान दिया इसे लोगो ने स्वीकार किया और तेजी से प्याऊ लगाने का काम होने लगा है। ऐसे एक नही अनेक उदाहरण है जिन सकरात्मक्ताओ को मिडिया ने उठाया और उसे समाज ने, पाठको ने स्वीकार किया है। समाज तो अच्छाई को,सकरात्मकता को स्वीकार करने के लिये तैयार बैठा है आवश्यकता है मिडिया को सकारत्मक दिशा में आगे बड़ने की । आपने कहा कि लेखनी सूर्य की रोशनी के समान बिना किसी भेद के हर व्यक्ति के पास पहुँचने का काम करती है। पत्रकार की लेखनी से बुराई समाप्त नहीं हुई लेकिन यदि कलम सकरात्मक चलेगी,प्रेरणा देने वाली खबरे प्रकाशित होगी तो उसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे जिससे स्वर्णिम समाज के विकास की कल्पना साकार होगी और आपको मन का संतोष मिलेगा।शिव आमंत्रण पत्रिका के संयुक्त संपादक पुष्पेंद्र साहू ने कहा की हर व्यक्ति अपने परिवार में अमन,सुख,चेन और शांति चाहता है लेकिन इसके लिए प्रयास ईमानदारी से नही करते।समाज में बदलाव लाने के लिये पत्रकार की बड़ी भूमिका होती है।जिस तरह से समाज के मूल्य बदले है,पत्रकारिता के मूल्यों में भी कमी आई है।पत्रकार सकारात्मक खबर के माध्यम से समाज में बदलाव लाने की ताकत रखता है। एक पत्रकार किसी से कम नही होता, उसकी ताकत कम नही होती यदि पत्रकार अपने में बदलाव लाये तो वह समाज के बदलाव का माध्यम बन सकता है,समाज को दिशा दे सकता है,अच्छी खबरे प्रकाशित होगी तो उसके अच्छे परिणाम सामने आते है। पाठक सकारात्मक पढ़ना चाहते है इसलिये पत्रकार कोशिश करे की सकारात्मक खबरों के प्रति अपना रुझान बडाये ताकि लेखनी के माध्यम से समाज में बदलाव आये।स्वागत भाषण देते हुए मंदसौर जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल ने कहा की पत्रकारिता का युग बदल रहा है। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक के साथ सोश्यल मिडिया ने स्थान बनाया है लेकिन प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मिडिया का स्थान कभी समाप्त नही होगा। पत्रकार जल्दबाजी के चक्कर में बिना तथ्यों के कोई खबर ना दे जिससे आमजन भ्रमित हो। समाज की अपेक्षा पत्रकार से होती है कि वह सकरात्मक बातों को प्रोत्साहित करे और प्रामाणिक बाते प्रस्तुत करे।प्रारम्भ में अतिथियों ने दिप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारम्भ किया ।इस अवसर पर मंदसौर जिला प्रेस क्लब द्वारा मूल्यानुगत मिडिया के संपादक प्रो.कमल दीक्षित, संयुक्त संपादक शिव आमंत्रण शांतिवन आबू पुष्पेंद्र साहू एवं ब्रह्मकुमारी आश्रम की संचालिका समिता बहनजी का भगवान पशुपतिनाथ की प्रतिमा भेट कर और शाल ओडा कर सम्मान किया। समारोह में मंदसौर एवं मल्हारगढ़ तहसील के पत्रकार साथी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय की संचालिका समिता बहन जी ने पुष्पगुच्छ भेट कर तथा तिलक लगाकर अतिथियों का स्वागत किया। कार्यशाला में प्रो. दीक्षित ने पत्रकारों की जिज्ञासाओ का समाधान किया।कार्यशाला का संचालन मंदसौर जिला प्रेस क्लब सचिव ब्रजेश जोशी ने किया,आभार ब्रह्मकुमारी आश्रम की संचालिका समिता बहनजी माना।

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