Narmada Manav
हाेशंगाबाद। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के जरिए अब मछुआरों की किस्मत चमकेगी। जिले में इसके लिए आवेदन मांगे गए हैं। 23 योजनाओं के लिए आवेदन मांगे हैं। जिसमें बायोफ्लॉक निर्माण, निजी भूमि पर तालाब निर्माण और थ्री व्हीलर विद आइसबॉक्स भी शामिल हैं। मत्स्य विभाग इनमें 40 से 60 फीसद अनुदान देगा। मछली पालन के लिए लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है। जिला मत्स्य अधिकारी अरविंद डांगीवाल ने बताया कि शासन की मत्स्य पालन के लिए मछुआ किसानों की आय दोगुना करने की तैयारी है। इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना शुरू की है। इसके पहले विभाग में संचालित नीली क्रांति योजना बंद कर दी गई है। योजना के तहत जिले का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के तहत जिलाें के ब्लाक में मछुआ समुदाय के दिन सुधरेंगे। जिला में बयोफ्लॉक(पक्के टैंक) बनवाए जाएंगे। इसके अलावा लघु री-सर्कुलेटरी सिस्टम लगाए जाएंगे। जिन्हें लगाने से मछली पालकों की आमदनी कई गुना बढ़ जाएगी।
कुल्फी की तर्ज पर बिकेंगी मछलियां
शासन मछली पालन करने वाले 10 लाभार्थियों को साइकिल व आइस बॉक्स के लिए 10-10 हजार रुपये देगी। वह कुल्फी की तर्ज पर साइकिल से गांव-गांव व शहर-शहर घूमकर मछलियां बेचेंगे। इससे उनकी अच्छी आय होगी।
40 से 60 फीसद मिलेगा अनुदान
शासन से लाभार्थियों को 40 से 60 फीसद तक अनुदान मिलेगा। सामान्य जाति के लाभार्थियों को 40, आरक्षित वर्ग व महिलाओं को इन योजनाओं में 60 फीसद छूट दी जाएगी। योजनाएं समूह (क्लस्टर) में संचालित होंगी।
यह याेजना में मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनांतर्गत स्वयं की भूमि पर तालाब निर्माण के लिए 7 लाख रुपए, मत्स्यबीज उत्पादन हेचरी के लिए 25 लाख , मत्स्य बीज प्रक्षेत्र के लिए 10 लाख , बायोफ्लांक
के लिए 7.50 लाख, फिशफीड मिल के लिए 30 लाख, केज के लिए 3 लाख, रेफ्रिजिरेटिव
व्हीकल के लिए 25 लाख, आरएएस के लिए 50 लाख, मिनी आरएएस के लिए 7.50 लाख,
मोटर साइकिल/आटोरिक्शा के लिए भी अनुदान की पात्रता है।
ऐसे करें आवेदन
लाभार्थियों को प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति मत्स्य विभाग की इमेल [email protected] में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ फोटो, आधार कार्ड, 100 रुपए का स्टांप पर शपथ पत्र के साथ अभिलेख अपलोड कराने होंगे।
पीएम मत्स्य संपदा योजना से किसानों की आय में इजाफा होगा। इन्हें यहीं बेहतर रोजगार मिलेगा। मछली की मंडल में बड़ी खपत व मांग है। युवा इस योजना का लाभ जरूर लें। अरविंद डांगीवाल सहायक संचालक मत्स्य उधाेग

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