Narmada Manav

डबलचौकी। मालवांचल के किसानों की आर्थिक बदहाली दूर करने वाली सोयाबीन फसल इस साल संकट में घिर गई‌ है। डबलचौकी क्षेत्र में भी सोयाबीन की फसल पकने से पूर्व ही पीली पड़ कर मुरझाने लगी। यलो मोजक व एथ्राक्नोज बिमारी बताई जा रही है।
इस बिमारी से फसल के उत्पादन पर भारी गिरावट की आंशका है। क्षेत्र के किसानों ने महंगे खाद-बीज खरीद कर बड़ी उम्मीद से सोयाबीन की फसल बोई थी और समय-समय पर हुई बारिश के बाद फसल खेतों में जमकर लहलहा रही थी। फलीयों से लदी हुई फसल को देखकर किसान भी फूले नहीं समा रहे थे, लेकिन अचानक आई कोई अज्ञात बिमारी ने किसानों की उम्मीदों पर पानी‌ फेर दिया। 15 दिन के अंदर ही क्षेत्र की अधिकांश फसल बिमारी की चपेट में आकर सुखने लगी है, जबकि फसल अभी पूरी तरह पकी भी नहीं है्। क्षेत्र के ग्राम अकबरपुर, अखेपुर, चौबापिपल्या, बराय, खेड़ा, कराड़िया, मिर्जापुर, पनवासा, सारोल, बारोली, अमोदिया, राघौगढ़ सहित अन्य गांवों में सैकड़ों बीघा की फसल बर्बाद होती नजर आ‌ रही है। किसान सुरेश कुमार नागर ने बताया कि मेरी 10 बीघा की फसल‌ बहुत बढ़िया स्थति में थी, लेकिन अचानक लगी बिमारी ने फसल पीली होकर सूखने की कगार पर पहुंच गयी।
किसान नेता मणिशंकर पटेल ने बताया सोयाबीन फसल खराब होने से किसानों को आगामी रबी फसल के लिए भी खाद-बीज खरीदना मुश्किल होगा। प्रशासन शीघ्र ही फसल का सर्वे करवाकर किसानों को उचित मुआवजा दे।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी चांद खां देंगल ने बताया कि यलो मोजक व एथ्राक्नोज बिमारी का प्रकोप है। यह बिमारी क्षेत्र में पहली बार लगी है। फसल में नुकसान है।
पटवारी बाबूलाल पांचाल ने बताया फसल में बिमारी है। प्रशासन का आदेश होगा तो सर्वे किया जाएगा।

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