Narmada Manav

भोपाल। किसी स्टेशन के लिए सीधी ट्रेन नहीं होने पर यात्री दोनों ट्रेन के लिए अलग-अलग टिकट बनवाते हैं। रेलवे ने सैकंड स्लीपर क्लास में ब्लैक पेपर टिकट (बीपीटी) की सुविधा दी हुई है, लेकिन इसमें भी एक दिक्कत है। इसमें मूल टिकट तो एक होता है, लेकिन दूसरी ट्रेन के लिए पीएनआर अलग जारी होता है। ऐसे में पहली ट्रेन के देरी से पहुंचने के कारण दूसरी ट्रेन छूट जाती है और उसका रिफंड भी नहीं मिलता। यात्रियों की ये दिक्कत दूर करने के लिए रेलवे नियमों में बदलाव कर रहा है। 

अधिकारियों का कहना है कि अब बीपीटी टिकट के लिए रेलवे एक ही पीएनआर नंबर जारी करेगा। ऐसे में मुख्य ट्रेन के देरी से पहुंचने पर यात्री को अगली यात्रा का किराया वापस मिल सकेगा। इसके लिए रेलवे की ऑनलाइन टिकट व्यवस्था व काउंटर सिस्टम का सॉफ्टवेयर बदला जा रहा है। 

रिफंड का क्लेम करना होगा: पीआरएस काउंटर से खरीदे टिकट के मामले में लेट होने वाली मुख्य ट्रेन की यात्रा जिस स्टेशन पर खत्म होगी, वहां रिफंड का क्लेम तीन घंटे में पीआरएस काउंटर पर करना होगा। ई-टिकट के मामले में करंट काउंटर पर तीन घंटे के भीतर मुख्य ट्रेन लेट होने का कारण बताते हुए टीडीआर फाइल करनी होगी। जो यात्री सीधी ट्रेन नहीं मिलने पर दो हिस्सों में टिकट बनवाते हैं, उन्हें ट्रेन छूटने पर किराए का नुकसान होता ही है। साथ ही अलग-अलग टिकट के कारण रेलवे रेलवे के टेलिस्कोपिक किराये का फायदा भी नहीं मिल पाता

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