Narmada Manav

115 करोड़ की परियोजना को लगाया भ्रष्टाचार ने पलीता
– किसानों के खेेतोें को बना दिया नदी, भोपाल को भी अब नहीं मिल पाएगा पर्याप्त पेयजल
भष्टाचार किस तरह से सरकार एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी योजनाओें कोे पलीता लगा रहा हैै, इसका ताजा उदाहरण सीप-कोलार लिंक परियोजना है। अभी इस परियोजना का औपचारिक उद्घाटन भी नहीं हुआ है। एवं ठेकेदार के द्वारा जो कार्य किया गया वह इतना निम्न स्तर का कार्य किया गया इसमें ऐसा प्रतीत होता है कि अधिकारी एवं ठेकेदार की मिलीभगत साफ तौर पर दिखाई दे रही है
इसमें यह देखना है कि किसने निधि से कार्य एवं अभी तक ठेकेदार के ऊपर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई एवं इतनी बड़ी योजना जोकि
किसानों के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी सीहोर जिले के लिए पानी की हर समय समस्या रहती थी किसानों की समस्या देखकर 115 करोड़ की लागत से बनने वाला कोलर सीप लिंग परियोजना बनाई गई जिसमें की क्षेत्र की जनता को किसान की कभी पाने की कोई समस्या ना हमारे एवं अधिकारी एवं ठेकेदार की मिलीभगत से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया सीप परियोजना में कोई भी गाइडलाइन का उपयोग नहीं किया गया एवं गुणवत्ता का ध्यान रखा गया कहीं ना कहीं यह प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है कि उद्घाटन से पहले कैसे फूट गई नहर होगा इससे पहलेे ही यहां बनी नहर पूरी तरह फूट गई। इसकेे कारण कई किसानों केे खेत नदी मेें तब्दील हो गए हैं तो वहीं अब भोपालवासियों को भी पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध नहीं होे पाएगा।
सीप नदी पर बननेे वाली सीप-कोलार लिंक परियोजना कोे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्ष 2012 में मंजूरी दी थी। योजना को पूरा करने की डेडलाइन 2015 तय की गई थी, लेकिन यह योजना 2020 तक भी पूरी नहीं हो सकी है। शिवराज सिंह मंत्रिमंडल ने 30 अक्टूबर 2017 को इस परियोजना के लिए 137 करोड़ 21 लाख 5 हजार रुपए की स्वीकृति भी दी थी। योजना का उद्देश्य सीहोर जिले की इछावर तहसील के गांवों में किसानों कोे खेती के लिए पानी देने के साथ ही कोलार डेम मेें भी पानी लाना था, ताकि राजधानी को पर्याप्त मात्रा में पेयजल मिल सके।
घटिया हुआ निर्माण कार्य-
उद्घाटन से पहले ही नहर टूट गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता हैै कि निर्माण एजेंसी द्वारा किस तरह का काम किया गया है। इस परियोजना को 2015 में पूरा करना था, लेकिन 2020 तक भी पूरी नहीं हो सकी है। समय ज्यादा लगने से इसकी निर्माण लागत भी बढ़ रही है तो वहीं जिन लोगों के लिए इसे बनाया जा रहा है उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इसलिए शुरू की थी योजना-
जल संसाधन विभाग द्वारा इस योजना को इसलिए शुरू किया गया था, ताकि इछावर तहसील केे किसानोें कोे खेती के लिए पर्याप्त पानी मिल सके औैर इसके जरिए कोलार डैम में भी पानी की मात्रा बढ़ाई जा सके। इस योजना के जरिए एक नदी का पानी लिफ्ट कर डैम में छोड़ा जाएगा और पानी लिफ्ट करने के लिए बिजली से चलने वाली मोटर का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके लिए सीप नदी पर एक 22 मीटर ऊंचा कांक्रीट का डैम बनाया गया है। इस डैम से एक कांक्रीट की नहर निकाली गई है। इस नहर का पानी कालियादेव के पास नाले पर बनाए गए दूसरे डैम में आएगा। यहां से घोड़ा पछाड़ नाले पर बने डैम में पहुंचेगा।
कोेलार में इतना बढ़ता पानी-
कोलार डैम की क्षमता 270 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) है। यानी 270 अरब लीटर पानी एकत्रित हो सकता है। इस डैम का निर्माण वर्ष 1987 में किया गया था। औसतन डैम में हर साल 185 एमसीएम ( 185 अरब लीटर) पानी आता है। पिछले दो वर्षों सेे अच्छी बारिश होने के कारण डैम में पर्याप्त पानी हो जाता है। सीप-कोलार लिंक परियोजना से 35 एमसीएम (35 अरब लीटर) पानी अतिरिक्त मिलेगा। कोलार डैम से भोपाल के लिए हर साल 61 एमसीएम (61 अरब लीटर) पानी आरक्षित होता है।
पीड़ितों ने सुनाई आपबीती-
नहर टूटने के कारण जिन किसानों केे खेेतों कोे नुकसान हुआ हैै उन्होंने भी अपनी आपबीती सुनाई। जितेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तोे नहर शुरू भी नहीं हुई थी, उससे पहले ही टूट गई। इसकेे कारण मेरेे खेत कोे ही नदी बना दिया गया है। अब तक कोई अधिकारी भी हमारी सुध लेने के लिए नहीं आया है। इसी तरह अन्य पीड़ितोें ने भी कहा कि उनके खेतों की फसलों के अलावा उनके खेत भी खराब हो गए हैं। खेतों को नदी में तब्दील कर दिया गया है।
नहीं उठाया फोन-
इस संबंध में चर्चा करनेे के लिए जब कोलार परियोजना की ईई कुमकुम कौरव से चर्चा करनी चाही तोे उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

इनका कहना है-
तेज बारिश के कारण इस बार बांधों में पानी का भराव ज्यादा रहा है। इस कारण से ज्यादातर बांधों के गेट भी खुले हैं। सीप-कोलार लिंक परियोजना की नहर टूटने की जानकारी मिली है। संबंधित अधिकारियों से जांच कराकर स्थिति दिखवाता हूं।
– एसएन मिश्रा, एसीएस, जल संसाधन विभाग

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here