Narmada Manav
ओमाहा नर्मदा संरक्षण, जीवन और जलवायु परिवर्तन के लिए हुए काम अमेरिका में 60 देशाें के डेलीगेट्स ने मंगलवार को देखा। यह नर्मदांचल के लिए बड़ी उपलब्धि है कि नर्मदा किनारे रिपेरियन जाेन में जलवायु परिवर्तन औरनदी संरक्षण के काम विदेशाें के लिए मिसाल बने। द नेचर कंजरवेंसी संस्था के प्रदेश प्रतिनिधि अशाेक विस्वाल मंगलवार काे अमेरिका में कामाें की स्लाइड प्रजेंट की। विस्वाल ने अमेरिका के नेवारस्का स्टेट के ओमाहा सिटी में प्रेजेंटशन दिया।
प्रजेंटेशन में येबतायानर्मदा नदी की खासियत और जीवन में उपयाेगिता नर्मदा से लाेगाें का अध्यात्मिक संबध का महत्वनदी किनारे जनजीवन, नदी किनारे वन औजलीय जीव, पक्षी पशु का जीवन चक्रनदी के पुनर्जीवन के लिए नदी किनारे बीजाराेपण औररिपेरियन जाेन के लिए तट क्षेत्र में पाैधराेपण कार्यक्रम क्याें जरूरीअब नदी के किनारे आमाेद प्रमाेद के साथ आध्यात्मिक शांति के लिए माॅडल रिपेरियन जाेन का निर्माण
येहाेगा फायदा
नर्मदा के किनारे पर्यटन काे बढ़ावा मिलेगा। अन्य देश की संस्थाएं भी अभियान से जुड़कर काम करने आगेआ सकेंगी। माॅडल रिपेरियन जाेन काे देखने औरइसके विकास के लिए काम करने वाले नए लाेग मिल सकेंगे। ऐसे बना रिपेरियन जाेन
आर वन- नदी के सतह पानी वाला हिस्सा
आर टू- नदी के पानी से रेत औरकिनारे का हिस्सा
आर थ्री- नदी के किनारे से ढलान और ऊपर तक का हिस्सा
आर फाेर- नदी के किनारे ऊपर समतल जमीन का हिस्से में बांटकर इसमें जलवायु परिवर्तन औरनदी पुनर्जीवन के लिए काम किया। नदी में जीव जंतु औरघास, झाड़ी के साथ पाैधाें काे पुनर्स्थापित करने का काम किया। रिपेरियन जाेन में यह काम
57 किमी में तार फेंसिंग की। माेटर से सिंचाई, दाे कराेड़ बीजाें का राेपण, नदी किनारे समतल जगह पर पाैधाें का राेपण, नर्मदा सर्वदा अभियान के जिए जनसमुदाय अाधारित संरचना के साथ काम काे बढ़ाया।

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